कृषि क्षेत्र में जितना पोटेंशियल उ0प्र0 में है उसे तिगुना बढ़ाया जा सकता: मुख्यमंत्री अन्नदाता किसान जितने भी क्रय केन्द्र की मांग करें आसानी से वहां पर क्रय केन्द्र उपलब्ध करवायें और उनकी उपज को क्रय किया जाये प्रदेश के अन्दर किसान जितना भी धान, बाजरा, मक्का को क्रय केन्द्रों पर लेकर आयेगा उन सबका क्रय किया जाये, न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ डी0बी0टी0 के माध्यम से किसानों के खाते में दिया जायेगा आधुनिक जानकारी और तकनीक का उपयोग करते हुए लागत को कम और उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है गो-आधारित खेती के बहुत अच्छे परिणाम सामने आ रहे उ0प्र0 अपनी कुल 12 फीसदी भूमि से देश के खाद्यान्न उत्पादन का 20 फीसदी उत्पादन करता है गेहंू उत्पादन में उ0प्र0 प्रथम स्थान पर, रबी की अन्य फसलों मंे उ0प्र0 की बड़ी भूमिका प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से विगत 05 वर्षाें में 21 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा प्रदान की गयी सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से देवीपाटन, बस्ती और गोरखपुर मण्डल कमिश्नरी के 09 जनपद जुड़े प्रदेश सरकार विगत साढ़े पांच वर्षाें के...