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गन्ना मंत्री द्वारा त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी मिल संचालन, घटतौली नियंत्रण, टी. डी. एस. वापसी एवं अनपेड गन्ना मूल्य भुगतान आदि से सम्बन्धित विभिन्न बिन्दुओं पर समीक्षा की गयी




प्रदेश के गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री  लक्ष्मी नारायण चौधरी ने विभागीय अधिकारियों के साथ लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान के सभागार में विस्तृत समीक्षा बैठक की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान, अन्तर गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी मिल संचालन, घटतौली नियंत्रण, टी.डी.एस. वापसी, अनपेड गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी मिलों की रिपेयर मेन्टीनेन्स, महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन / सीडलिंग उत्पादन तथा सहकारी गन्ना विकास समितियों में फार्म मशीनरी बैंकों की स्थापना संबंधी कार्यों से सम्बन्धित प्रगति की जानकारी लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

समीक्षा बैठक के दौरान गन्ना मूल्य भुगतान के मुद्दे पर  मंत्री को विभागीय अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि पेराई सत्र 2020-21 का शत प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान सम्पन्न हो चुका है एवं पेराई सत्र 2021-22 का भी लगभग 90 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को कराया जा चुका है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल रु. 1,79,490 करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान प्रदेश के किसानों को किया गया है। समीक्षा बैठक में मा. मंत्री द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि अधिकारी त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान कराने के प्रति सचेत रहें तथा परिक्षेत्रों में तैनात अधिकारी क्षेत्र भ्रमण के समय किसानों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करायें।

इसके साथ ही बैठक में मंत्री द्वारा चीनी मिलों के संचालन के सम्बन्ध में भी जानकारी ली गई, इस संबंध में उन्हें अवगत कराया गया कि दीपावली के आस-पास पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं दीपावली के पश्चात् मध्य एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों का संचालन प्रारम्भ होने की प्रबल सम्भावना रहती है। विभाग द्वारा चीनी मिलों के संचालन से संबंधित समस्त औपचारिकतायें पूर्ण कर ली गयी हैं लेकिन इस वर्ष मौसमी हलचल के कारण गन्ना फसल को मैचोरिटी में विलम्ब है इसलिए चीनी मिलों का संचालन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। मा मंत्री ने निर्देशित किया कि अधिकारी मौके पर जाकर चीनी मिलों के रिपेयर मेन्टीनेन्स के कार्यों तथा संचालन संबंधी तैयारियों का भौतिक निरीक्षण करते रहें तथा गन्ना छिलाई के साथ ही चीनी मिलों का संचालन सुनिश्चित करायें।

गन्ना मंत्री द्वारा चीनी मिलों को भी निर्देशित किया गया कि चीनी मिलें गन्ना किसानों को ब्याज मुक्त ऋण पर गन्ना खेती हेतु कृषि यंत्र उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की मांग है इसलिए विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती करने हेतु मॉडल फील्ड तैयार करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाये। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा सीडलिंग उत्पादित करने संबंधी योजना के प्रचार-प्रसार हेतु मा. मंत्री ने निर्देश दिये।

समीक्षा बैठक के दौरान घटतौली नियंत्रण के विषय में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास  संजय आर. भूसरेड्डी द्वारा मंत्री को आश्वस्त किया गया कि विभाग द्वारा आगामी पेराई सत्र में बांट-माप विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर घटतौली पर पूर्णरूपेण अंकुश लगाया जायेगा तथा पेराई सत्र के प्रारम्भ से ही घटतौली नियंत्रण हेतु सख्ती बरती जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि घटतौली पर नियंत्रण हेतु वाह्य गन्ना क्रयकेन्द्र एवं मिल गेट पर कांटा जांच करते समय निरीक्षणकर्ता अधिकारी द्वारा जिन गाड़ियों की तौल की जा चुकी है, यथासम्भव उनकी पुनः जांच कराई जाएगी तथा घटतौली संज्ञानित होने पर सम्बन्धित चीनी मिल के साथ-साथ तौलन यन्त्र विनिर्माता कम्पनी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। 

समीक्षा बैठक के अन्त में  गन्ना मंत्री  चौधरी ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि गन्ना किसानों के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि प्रगतिशील गन्ना किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए यथाशीघ्र अध्ययन यात्रा का कार्यक्रम तैयार किया जाये तथा प्रदेश के किसानों को प्राकृतिक कृषि से जुड़े क्षेत्रों का दौरा कराया जाये।

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